गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम्।
सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्।।८.१५।।
गुण रूप का श्रृङ्गार है , शील कुलका भूषण है , सिद्धि विद्या का अलंकार है और भोग धन का आभूषण है।
सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्।।८.१५।।
गुण रूप का श्रृङ्गार है , शील कुलका भूषण है , सिद्धि विद्या का अलंकार है और भोग धन का आभूषण है।
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